अभी न पर्दा गिराओ, ठहरो,--------

अभी न पर्दा गिराओ, ठहरो, कि दास्ताँ आगे और भी है
अभी न पर्दा गिराओ, ठहरो!
अभी तो टूटी है कच्ची मिट्टी, अभी तो बस जिस्म ही गिरे हैं
अभी तो किरदार ही बुझे हैं।
अभी सुलगते हैं रूह के ग़म, अभी धड़कते हैं दर्द दिल के
अभी तो एहसास जी रहा है
यह लौ बचा लो जो थक के किरदार की हथेली से गिर पड़ी है
यह लौ बचा लो यहीं से उठेगी जुस्तजू फिर बगूला बनकर
यहीं से उठेगा कोई किरदार फिर इसी रोशनी को लेकर
कहीं तो अंजाम-ओ-जुस्तजू के सिरे मिलेंगे
अभी न पर्दा गिराओ, ठहरो!















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fight for Eunuchs

fight for Eunuchs
third gender equality

किन्नरों ने ठुमके लगा महंगाई को कोसा---

5:00 AM / Posted by huda /




बरेली: रसोई गैस और डीजल के मूल्यों में फिर हुई वृद्धि किन्नरों को भी नागवार गुजरी है। इसके विरोध में कलेक्ट्रेट पर जुटे तमाम किन्नरों ने ठुमके लगाकर अनूठे अंदाज में अपना विरोध प्रदर्शन किया। खुलकर बोले भी। केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। उन्होंने कहा कि महंगाई बढ़ाकर केन्द्र सरकार गरीबों को मार डाल रही है। ऐसे में गरीबों के लिए हम किन्नरों की चिंता बढ़ जाती है। किन्नर सरोज, आशा, मुस्कान और राजू शमीम आदि ने कहा कि जरूरत पड़ी तो सारे किन्नर दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात करेंगे। किन्नरों ने सिस्फा-इस्फी के सचिव एवं चिकित्सक डॉ. एसई हुदा के नेतृत्व में राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार को सौंपा। ज्ञापन के जरिए राष्ट्रपति से मंहगाई कम करने की मांग उठाई गई है। इस मौके पर कोलकाता से आई किन्नर लक्ष्मी ने कहा कि यदि केन्द्र सरकार ने मूल्य वृद्धि वापस नहीं ली तो देश भर के किन्नर ही इसके विरोध में खड़े हो जाएंगे।

1 comments:

Comment by मनोज कुमार on June 28, 2011 at 8:27 AM

समाचार से अवगत हुआ।

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